यूपी एसटीएफ ने मुख्तार अंसारी के गुर्गे एक लाख के इनामी अलीशेर डॉक्टर को एक मुठभेड़ में मार गिराया है। इस मुठभेड़ में यूपी एसटीएफ ने अलीशेर के साथी कामरान उर्फ बन्नू को भी मुठभेड़ में मार गिराया है । मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अलीशेर उर्फ डॉक्टर पर एक लाख का इनाम घोषित था ।
एक लाख का इनामी था अलीशेर उर्फ डॉक्टर
एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश के अनुसार कुख्यात बदमाश अलीशेर उर्फ डॉक्टर लंबे समय से अपराध जगत में सक्रिय था । जीतराम मुंडा की हत्या के बाद से अलीशेर उर्फ डॉक्टर फरार था जिसके बाद उसके ऊपर इनाम की राशि बढ़ाकर एक लाख कर दी गई । अली शेर उर्फ डॉक्टर आजमगढ़ के देवगांव का रहने वाला था जबकि मुठभेड़ में मारा गया उसका दूसरा साथी कामरान उर्फ बन्नू आजमगढ़ के गंभीरपुर गांव का निवासी है ।
एसएसपी के मुताबिक अलीशेर की लोकेशन मंडियाव थाना क्षेत्र के फैजुल्लागंज में मिली थी । जिसके बाद यूपी एसटीएफ सक्रिय हो गई एसटीएफ ने घेराबंदी कर बदमाशों को आत्मसमर्पण के लिए कहा लेकिन उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी जवाबी कार्रवाई में अलीशेर उर्फ डॉक्टर व उसका साथी कामरान उर्फ बन्नू दोनों मारे गए। दोनों के पास से कई अवैध हथियार और कारतूस मिले हैं
मुख्तार अंसारी का बेहद करीबी
अलीशेर उर्फ डॉक्टर मुख्तार अंसारी के कहने पर कई बड़ी वारदातों में शामिल रहा है। अलीशेर का नाम झारखंड में भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष जीतराम मुंडा की हत्या में भी नाम आया था जिसके बाद यूपी पुलिस ने उसके ऊपर इनाम की राशि बढ़ाकर एक लाख कर दी । आजमगढ़ के एक बसपा नेता कलामुद्दीन की हत्या में भी अलीशेर उर्फ डॉक्टर शामिल था
एसटीएफ ने दावा किया है कि मुख्तार गिरोह का अलीशेर बेहद करीबी हो गया था। वह मुख्तार के शार्प शूटर के तौर पर जाना जाने लगा था। पूर्वांचल में उसने कई वारदातें और वसूली कीं। यह सब उसने मुख्तार की शह पर किया है।
मुन्ना बजरंगी की सरपरस्ती में उतरा अपराध की राह पर
एसटीएफ अधिकारियों की माने तो अलीशेर उर्फ डॉक्टर ने अपराध जगत में शुरुआत मुन्ना बजरंगी के साथ की । कुछ समय पहले बागपत की जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या से पहले अलीशेर उर्फ डॉक्टर मुन्ना बजरंगी के लिए ही काम करता था । अलीशेर उर्फ डॉक्टर मुन्ना बजरंगी का शूटर था जो सुपारी लेकर मुन्ना बजरंगी के कहने पर वारदात को अंजाम देता था । मुन्ना बजरंगी की हत्या हो जाने के बाद अलीशेर मुख्तार अंसारी गिरोह से सीधे संपर्क में आ गया इसके बाद वह मुख्तार अंसारी के लिए काम करने का था। मुख्तार अंसारी के अलावा भी वह कई बड़े अपराधियों से जुड़ा हुआ था जिनमें झारखंड के कुख्यात अपराधी अमन का भी नाम आता है । बताया जाता है कि उसके इशारे पर रांची में एक भाजपा नेता की जान भी अलीशेर उर्फ़ डॉक्टर ने ली।
आजमगढ़ में दर्ज है 18 मुकदमे
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अलीशेर उर्फ डॉक्टर पर आजमगढ़ में 18 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं जिनमें अधिकतर सत्या हत्या के प्रयास लूट और रंगदारी के मामले हैं अलीशेर आजमगढ़ के देवगांव थाना क्षेत्र के बैरीडीह का रहने वाला था । अलीशेर इस क्षेत्र में भी व्यक्तिगत रंजिश और मुकदमेबाजी को लेकर कई बार गोलीबारी की वारदातों में शामिल रहा जिसमें एक व्यक्ति की मौत भी हुई थी।





