ग्रेटर नोएडा : कत्था कारोबारी की क्रेटा गाड़ी और 81 लाख रुपये के साथ ड्राइवर के गायब होने की घटना का पुलिस ने बृहस्पतिवार को खुलासा कर दिया है।व्यापारी ने ड्राइवर को दिल्ली में एक पार्टी के बीच गिफ्ट जमीन पर गिरने पर चांटा माड़ दिया था जिसके अपमान का बदला लेने और सबक सिखाने के लिए लूट की घटना को अंजाम दिया गया।
एक दिन पहले ड्राइवर को 81 लाख रुपये लेकर जाने की जानकारी लगी जिसके बाद उसने अपनी पत्नी ,बहनोई और बहन को रुपए लेकर भागने की योजना में शामिल कर लिया। पुलिस ने व्यापारी के ड्राइवर फर्रूखाबाद निवासी सोनू चौहान, उसकी पत्नी पुष्पा, व आगरा निवासी बहन श्वेता सिंह, बहनोई कर्णवीर को गिरफ्तार किया है। खास बात यह है कि घटना के बाद पुलिस को रकम 18 लाख बताई गयी थी और एफआईआर में भी यही रकम दर्शायी गई थी। लेकिन जब आरोपियों की गिरफ्तारी हुई तो व्यापारी की क्रेटा, लैपटॉप, कागजात समेत 81.68 लाख रुपये रकम बरामद की गई है। पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 50 हजार रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की है।
डीसीपी मीनाक्षी कात्यान ने बताया कि बुधवार सुबह 9 बजे द्वारका दिल्ली निवासी कत्था व्यापारी संजीव कुमार अग्रवाल क्रेटा कार में सवार होकर ड्राइवर सोनू चौहान के साथ अनूपशहर जा रहे थे । जहां उनकी फैक्टरी है। दादरी एरिया में पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से नीचे उतरकर लुहारली टोल की तरफ कुछ दूर संजीव अग्रवाल ने लघुशंका के लिए गाड़ी रुकवा ली। कारोबारी के उतरने के दौरान आरोपी चालक सोनू चौहान कार लेकर फरार हो गया। कारोबारी ने ड्राइवर के फरार होने की सूचना दादरी पुलिस को दी। सीनियर अधिकारियो के संज्ञान में मामला आने के बाद आरोपी चालक व वारदात के खुलासे के लिए कोतवाली एसआई वरुण पंवार के नेतृत्व में टीम लगा दी गई। वरुण पवार ने बताया की ने इस मामले में बृहस्पतिवार को मथुरा स्थित सोनू चौहान के बहनोई कर्णवीर के घर से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा कर दिया।
टोल पर गाड़ी का नंबर डिटेक्ट होने के शक में टोल प्लाजा के रास्ते नहीं गए
टीम प्रभारी वरुण पवार ने बताया कि कारोबारी की गाड़ी में फास्टैग लगा हुआ था। इसके चलते आरोपी मथुुरा टोल के रास्ते नहीं गए। उन्हें आशंका थी की अगर वह टोल के रास्ते से जाएंगे और फास्ट ट्रैक भी हटा देंगे तो नंबर के आधार पर टोल प्लाजा पर उनकी गाड़ी की एंट्री हो जाएगी। वह पकड़े जा सकते हैं। इसके चलते वह अन्य रास्तों से रोड से निकल कर गए जहां टोल प्लाजा नहीं थे। उन्होंने अपने रोजाना इस्तेमाल किए जाने वाले फोन स्विच ऑफ कर लिए लेकिन पुलिस को कुछ ऐसे नंबर मिले जिनसे आरोपी संपर्क में थे। पुलिस आरोपी सोनू चौहान के फर्रूखाबाद स्थित घर दबिश देने निकली थी। तभी पुलिस को मथुरा की लोकशन मिली और आरोपियों को दबोच लिया।
अपमान का बदला लेने के लिए रची रुपए लेकर भागने की योजना
कोतवाली एसआई वरुण पंवार ने बताया की 4 महीने पहले कत्था कारोबारी ने एक शादी समारोह में मिलने वाले गिफ्ट को रखने के लिए आरोपी ड्राइवर सोनू चौहान को दिए। गिफ्ट उसके हाथ से जमीन पर गिर गए। जिसके बाद कारोबारी ने सोनू को सभी गेस्ट के सामने चांटा मार दिया और ध्यान से कम करने की नसीहत दी। ड्राइवर सोनू चौहान करीब 15 साल से कारोबारी के पास ड्राइवर की नौकरी कर रहा था। हालांकि बीच में वह कुछ दिन के लिए चला गया था। लेकिन फिर वापस आकर कारोबारी के पास ड्राइवर की नौकरी करने लगा। पूछताछ के आरोपी ड्राइवर ने बताया की 15 साल नौकरी करने के बाद भी मलिक को उन पर विश्वास नहीं था और गली गलोच भी करते रहते थे। जिससे वह परेशान हो चुका था। मलिक से बदला लेने और सबक सीखने के लिए 81 लाख रुपए लेकर फरार हुआ था।
मध्यप्रदेश में बहनोई के साथ मिलकर बिजनेस करने की थी योजना
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में आरोपी ड्राइवर ने बताया कि एक दिन पहले उसे पता चल गया था की करोड़ रुपए का केस लेकर दिल्ली से बुलंदशहर जाना है। इसकी जानकारी उसने अपने बहनोई पत्नी और बहन को दी। सभी ने मिलकर पुरी प्लानिंग तैयार की। प्लान में था की वह केस को लेकर मध्य प्रदेश जाकर रहेंगे और वही नए सिरे से बिजनेस शुरू करेंगे। सोनू चौहान के बहनोई और बहन दिल्ली में किराए पर कमरा लेकर नौकरी करते थे। जिससे उनका गुजारा भी ठीक से नहीं हो का रहा था।
पुलिस ने 18 लाख का केस दर्ज किया, बरामद हुए 81 लाख
व्यापारी के साथ घटना घटने के बाद 18 लाख रुपए और ड्राइवर के साथ करता गाड़ी गायब होने का केस दर्ज किया था। पुलिस के अनुसार व्यापारी ने खुद ने 18 लाख का केस दर्ज कराया था। लेकिन खुलासे के दौरान पुलिस ने 81 लाख रुपए बरामद किए। दोनों रकमों में अंतर को लेकर तरह-तरह के सवाल खड़े हुए है। लेकिन पुलिस ने बताया कि व्यापारी ने गलती से रकम 18 लाख लिखाई थी।





