प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आए जहां उनके स्वागत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट किया जिसके बाद लखनऊ के नाम बदले जाने की अटकलें तेज हो गई । बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के ट्वीट में पहली बार ऐसी भाषा का प्रयोग किया गया है ।उनके इस ट्वीट के मायने निकाले जा रहे हैं
दरअसल सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्री टि्वटर हैंडल से ट्वीट किया गया- ‘ शेषावतार भगवान लक्ष्मण जी की पावन नगरी लखनऊ में आपका हार्दिक स्वागत है ‘ ट्वीट के साथ प्रधानमंत्री मोदी जी की तस्वीर भी है । यह तस्वीर अमौसी एयरपोर्ट पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए ली गई है।

इसके बाद से ही चर्चा शुरू हो गई कि क्या योगी जी लखनऊ का नाम बदलकर भगवान श्री राम के छोटे भाई लक्ष्मण से जोड़ कर रखेंगे । दरअसल ट्वीट में मुख्यमंत्री योगी द्वारा लक्ष्मण की पावन नगरी लिखे जाने पर ऐसा अंदेशा जताया जा रहा है। पूर्व में भी लखनऊ का नाम बदलने की मांग कई बार उठ चुकी है। कई नेता लखनऊ का नाम बदलकर लखनपुरी ,लक्ष्मण पुरी और लखनपुर करने की मांग उठा चुके हैं।
2017 में उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद कई जगहों के नाम बदले जा चुके हैं । इनमें सबसे पहले मुगलसराय स्टेशन का नाम बदल कर पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन कर दिया गया । इसके साथ ही योगी कैबिनेट ने मुगलसराय तहसील का नाम भी बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय तहसील कर दिया ।
फैजाबाद जिले के अंदर आने वाले अयोध्या जिसे भगवान श्री राम की नगरी माना जाता है उसी के नाम पर फैजाबाद जिले का नाम बदलकर पूरे जिले का नाम अयोध्या कर दिया गया । नाम बदलने को लेकर यूपी में राजनीति गरम रहती है।
ऐतिहासिक तौर पर देखा जाए तो भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या की दूरी लखनऊ से मात्र 80 किलोमीटर है। लखनऊ के बारे में कहा जाता है कि भगवान श्री राम के छोटे भाई लक्ष्मण ने इस नगरी को बसाया था । आज भी लखनऊ में कई ऐतिहासिक स्थलों के नाम लक्ष्मण जी के नाम पर है जिनमें लक्ष्मण टीला लक्ष्मण पुरी और लक्ष्मण पार्क आदि प्रमुख हैं ।
मुख्यमंत्री योगी के इस ट्वीट के बाद देखना यह होगा कि क्या वह वाकई लखनऊ का नाम बदलने जा रहे हैं यदि ऐसा होता है तो भविष्य में कई और शहरों के नाम बदले जा सकते हैं ।





