कभी मोदी के कट्टर आलोचक रहे पूर्व भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने फिर से राजनीति की तरफ कदम बढ़ा दिए है।
अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार में वित्त मंत्री रह चुके यशवंत सिन्हा ने टीएमसी ( तृणमूल कॉंग्रेस ) का दामन थाम लिया है। यशवंत सिन्हा पिछले 2 सालों से राजनीति में सक्रिय नही थे। भाजपा में उन्हें मोदी जी के आलोचक के रूप में देखा जाने लगा था
टीएमसी जॉइन करते ही भाजपा पर हमलावर हुए
यशवंत सिन्हा तृणमूल कांग्रेस जॉइन करते ही भाजपा पर हमलावर हुए है। उन्होंने आज की भाजपा और अटल बिहारी बाजपेयी के समय की भाजपा में तुलना भी की । उन्होंने दोनो की नीतियों में जमीन आसमान का अंतर बताया । यशवंत सिन्हा ने कहा कि आज की सरकार जनता की सुनने के बजाय जनता को कुचलने का काम कर रही है ।
2018 में छोड़ दी थी भाजपा
यशवंत सिन्हा को भाजपा में मोदी जी का आलोचक माना जाने लगा था । उन्हें पार्टी में उतनी तरजीह भी नही दी जा रही थी जिसके बाद 2018 में उन्होंने भाजपा को छोड़ दिया था। जिसके बाद ये माना जाने लगा था कि वे अब राजनीति में सक्रिय नही रहेंगे । हालांकि अब 2 साल बाद ही उनके TMC जॉइन करने के बाद तरह तरह के कयास लगाये जाने लगे है ।
यशवंत सिन्हा 1984 से सक्रिय रूप से राजनीति में है। 1988 में राज्यसभा सांसद रह चुके है । भाजपा में शामिल होने से पहले उन्हें चंद्रशेखर की सरकार में वित्त मंत्री बनाया गया था । जिसके बाद भाजपा में शामिल होने के बाद वित्त मंत्री बनाया गया।
अटल बिहारी वाजपेयी जी के साथ इनके संबंध बहुत अच्छे रहे । उन्ही की सरकार में यशवंत सिन्हा विदेश मंत्री भी रहे ।
24 साल रहे IAS
यशवंत सिन्हा मूलतः बिहार के पटना से है । 1960 में आईएएस की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने 24 साल तक विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर काम किया । जिसके बाद उन्होंने 1984 में नौकरी छोड़ दी और राजनीति में आ गए ।





