यूपी में चुनावी समर नजदीक है और प्रदेश में प्रियंका गांधी लगातार दौरे कर किसानों के मुद्दे और अपराध पर सरकार पर हमलावर है । अब उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रियंका गांधी यूपी के चुनावी मैदान में सचिन पायलट को उतारना चाहती है। प्रियंका पहले भी सचिन पायलट से अपनी नजदीकी जाहिर कर संदेश दे चुकी है कि उनके लिए सचिन पायलट कितने महत्वपूर्ण है ।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में निभा सकते है बड़ी भूमिका
सचिन पायलट युवाओं में अच्छे खासे लोकप्रिय हैं ऐसे में पार्टी उन्हें उत्तर प्रदेश चुनाव में उतार कर युवा वोटरों को आकर्षित करना चाहती है । साथ ही सचिन पायलट को सम्मान देना चाहती है । माना जा रहा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सचिन पायलट महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं
सचिन पायलट को युवाओं और किसान वर्ग में अच्छी खासी लोकप्रियता हासिल हैं वही पश्चिमी उत्तर प्रदेश गुर्जर बेल्ट मानी जाती है जहां गुर्जर समुदाय चुनाव में बड़ी भूमिका निभाता है । कांग्रेस के पास सचिन पायलट के रूप में एक बड़ा युवा चेहरा है साथ में साथ ही वह गुर्जर समुदाय से भी आते हैं ऐसे में कांग्रेस के बड़े लीडरों को लगता है कि वह पश्चिम उत्तर प्रदेश की इन सीटों पर बड़ा प्रभाव छोड़ सकते हैं । सचिन पायलट सर्व समाज के नेता हैं लेकिन उनके पिता राजेश पायलट को गुर्जर समाज विशेष सम्मान देता है यही नहीं पश्चिम उत्तर प्रदेश में अन्य किसान जातियां भी राजेश पायलट को बहुत सम्मान देती थी ।
एक महीने में किये उत्तर प्रदेश के चार दौरे
पिछले 1 महीने में सचिन पायलट उत्तर प्रदेश के चार दौरे कर चुके हैं इनमें से जहां लखनऊ और कानपुर में उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की वही संभल के कल्किपीठ में साधु संतों को भी संबोधित किया । लखीमपुर खीरी कांड में प्रियंका गांधी जहां प्रदेश सरकार पर हमलावर रही वहीं सचिन पायलट भी लखीमपुर खीरी के लिए निकले । यूपी पुलिस ने जब उन्हें रोका तो बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ वे गिरफ्तार भी हुए । सचिन पायलट की उत्तर प्रदेश में लगातार सक्रियता से लग रहा है कि 2022 चुनाव लड़ाने में उन्हें महत्वपूर्ण भूमिका मिल सकती है । वैसे भी राजस्थान में अपने चुनावी प्रबंधन और कौशल का सचिन लोहा मनवा चुके हैं
गुर्जर निभाते है बड़ी भूमिका
बता दें कि पश्चिम उत्तर प्रदेश में गुर्जर वोटों की संख्या काफी अधिक है और यहां की अधिकतर सीटों पर उनकी निर्णायक भूमिका रहती है । पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 110 से ज्यादा विधानधान सभा सीटें हैं जिनमें काफी सीटों पर गुर्जर वोट अहम हैं । सचिन पायलट का गुर्जर समाज बहुत सम्मान करता है ।
सचिन पायलट के पिता स्वर्गीय राजेश पायलट की जन्मभूमि भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश है । हालांकि उन्होंने राजनीतिक जीवन की शुरुआत राजस्थान से की । चुनाव के समय पार्टी अक्सर उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सभाओं की जिम्मेदारी देती थी । इसका कारण यह था कि वह स्वयं गुर्जर जाति से थे साथ ही गुर्जरों के अलावा जाट एवं अन्य किसान जातियां भी उन्हें बहुत मानती थी । पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सचिन पायलट को भी वही प्यार और अपनापन मिलता है जो उनके पिता स्वर्गीय राजेश पायलट को मिलता था





