यूपी चुनाव मैं महज कुछ ही महीने बचे हैं । सभी पार्टियां चुनावी मोड में आ चुकी हैं। यूपी चुनाव में प्रियंका गांधी काफी सक्रिय हैं और लगातार यूपी के दौरे कर सरकार पर निशाना लगा रही है। पार्टी के लिए यूपी चुनाव प्रियंका गांधी की छवि और लोकप्रियता दिखाने का भी अवसर है । ऐसे में सभी का ध्यान इस तरफ है कि किस तरह पार्टी को यूपी में मजबूती से खड़ा करे ।
सचिन पायलट को मिलेगी चुनाव में बड़ी भूमिका !
पिछले कुछ दिनों से यूपी में सचिन पायलट की सक्रियता बढ़ी है। 1 महीने में सचिन पायलट उत्तर प्रदेश के चार दौरे कर चुके हैं । अभी कुछ दिन पहले ही उन्होंने लखनऊ और कानपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी । वहीं एक अन्य प्रोग्राम में कल्कि पीठ में साधु संतों से मुलाकात की एवं संबोधित किया ।
लखीमपुर खीरी कांड के समय भी सचिन पायलट ने प्रियंका गांधी का पूरा सहयोग किया । लखीमपुर खीरी जाने से यूपी पुलिस द्वारा सचिन पायलट को रोका गया तो उन्होंने गिरफ्तारी भी दी। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले कुछ समय से संकेत मिल रहे हैं कि सचिन पायलट को उत्तर प्रदेश में आगामी चुनाव में बड़ी भूमिका दी जा सकती है ।
सचिन पायलट पार्टी का एक लोकप्रिय चेहरा है और उत्तर प्रदेश में भी इनकी अच्छी खासी टीम है । पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सचिन पायलट युवाओं में खासे लोकप्रिय हैं इस सब को देखते हुए प्रियंका गांधी उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकती है प्रियंका गांधी चाहती है कि सचिन पायलट उत्तर प्रदेश में सक्रियता से काम करें ।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित काफी सीटों पर गुर्जर निभाते है निर्णायक भूमिका
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गुर्जरों की बहुत बड़ी संख्या है जिनमें अधिकांश सीटों पर गुर्जर निर्णायक भूमिका में रहते हैं । यही वजह है कि पिछले कुछ समय से भाजपा सहित अन्य पार्टियों ने भी गुर्जर वोटरों को लुभाने के प्रयास तेज कर दिए हैं । सचिन पायलट हालांकि सभी समुदायों में और खासकर युवाओं में अच्छे खासे लोकप्रिय नेता हैं लेकिन गुर्जर समाज से होने के कारण और उनके पिताजी स्वर्गीय श्री राजेश पायलट के कारण गुर्जर समाज में उन्हें काफी सम्मान प्राप्त है ।

स्वर्गीय राजेश पायलट का जन्मस्थान भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ही जिला गौतम बुध नगर के एक गांव वैदपुरा में है। हालांकि उन्होंने राजस्थान से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की । लेकिन जब भी पार्टी को जरूरत पड़ी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आकर अपने समुदाय को कांग्रेस की तरफ लाने में कामयाब भी रहे । उन्हें आज भी गुर्जर समाज के सबसे लोकप्रिय नेता मानता है ।
ऐसे में पार्टी मानकर चल रही है कि सचिन पायलट के पश्चिम उत्तर प्रदेश में सक्रिय होने का उन्हें काफी फायदा मिलेगा। न सिर्फ गुर्जर बल्कि अन्य किसान जातियों को भी प्रभावित करने में सचिन पायलट सफल होंगे ।
राजस्थान चुनाव में खुद को साबित कर चुके है सचिन पायलट
उत्तर प्रदेश में सचिन पायलट को सक्रिय करने के पीछे एक कारण यह भी है कि अपने चुनावी प्रबंधन और मजबूत टीम के साथ सचिन राजस्थान में कांग्रेस की डूबती नैया को पार लगाने में सफल रहे । उन्होंने खुद को राजस्थान में साबित किया कि चुनावी माहौल बनाने में उनका कोई सानी नही है। हालांकि गहलोत और सचिन पायलट के बीच विवाद को लेकर घटनाक्रम भी हुए जिसे बाद में सुलझा लिया गया। फिलहाल प्रियंका गांधी भी सचिन पायलट के समर्थन में हैं और कई बड़े कांग्रेस के नेता सचिन पायलट को महत्व देते हैं। प्रियंका गांधी भी सचिन पायलट को बड़ी भूमिका देकर दिखाना चाहती है कि पार्टी के लिए वे कितने महत्वपूर्ण है। ऐसे में देखना यह होगा कि उत्तर प्रदेश में सचिन पायलट को एक्टिव करने से कांग्रेस को कितना फायदा मिलता है।





